फिल्म का नाम 'रॉकी हैंडसम' नहीं, 'रॉकी ढिशुम ढिशुम' होना चाहिए था. इस फिल्म में जॉन अब्राहम ने एक्टिंग नहीं, मॉडलिंग की है. बचे वक़्त वे मारधाड़ में बिजी हो जाते है. हिंसा, हिंसा और हिंसा का वीभत्स रूप! बीच-बीच में सात बेसुरे गाने और वे भी वीभत्स! पूरे 126 मिनट 10 सेकंड्स का टॉर्चर ! भिया जॉन, आप कोई (बजरंगी) भाईजान थोड़े ही हो, कि दर्शक तालियां बजाएगा; वह तो तुम्हारी 'एक्टिंग' देखकर माथा पीटता है माथा ! रहम करो बाबा ! जॉन और डायरेक्टर निशिकांत कामत दोनों एक्टिंग करने आये हैं, इसमें। फिल्म बनाने में रुपये लगाए हैं तो क्या एक्टिंग भी झिलवाओगे? जॉन के चेहरे पर भावभंगिमा होती नहीं और निशिकांत कामत (केविन परेरा) ओवर एक्टिंग करते हैं. छह साल पहले आई कोरिया की फ़िल्म The Man from Nowhere हिन्दी में बनाई गई है.

गुड फ्राइडे की पूर्व संध्या पर आखिरी पेड प्रिव्यू देखने पहुंचे, फिल्म ने ऐसे 'फ्राय' किया कि बारह बज गए. आधी रात के बाद घर पहुंचकर लगा कि सर इतना क्यों भन्ने रहा है? सिनेमा गए थे या टॉर्चर करवाने? फिल्म की कहानी ही ऐसे गुँथी गई है कि पकने में देर नहीं लगती। फिल्म में देशभक्त एजेंट कबीर (जॉन) हैं, ड्रग माफिया और ह्यूमन ऑर्गन माफिया है, बच्चों का अपहरण करनेवाला गिरोह है, कबीर की गर्भवती बीवी रुक्षिदा (श्रुति हासन) है, ड्रग लेने की आदि कबीर की पड़ोसन एना (नथालिया कौर) और उसकी प्यारी बेटी नाओमी (दिया चलवाड ) है जो अपह्रत हो जाती है. नाओमी को जॉन जी जान से चाहते हैं और उसे बचने में खाप जाते हैं।
इस फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी यह है की इसे पूरी तरह से कोरियन फिल्म की तरह फिल्माने की कोशिश की गई है, जो गले नहीं उतरती. श्रुति का रोल थोड़ा सा ही है, जिसमें उन्हें गाने गाना, जॉन से चिपकने और फिर गर्भवती होकर कार दुर्घटना के बहाने मर जाने की भूमिका मिली है।
25 March 2016
7.45 am